Saturday, July 21, 2012

तू जब भी साथ हो.......

तू जब भी साथ हो तो दिन में चम्पई रात आती है.
तू हंस दे खिल-खिलाकर, जून में बरसात आती है.
कोई लड़की हथेली पर किसी का नाम लिख -लिखकर, 
जो दुनिया से छिपाती है... तो तेरी याद आती है.

tu jab bhi saath ho to din me champai raat aati hai.
tu hans de khil-khilakar..... jun me barsaat aati hai.
koi ladki hatheli par kisi ka naam likh-likhkar,
jo duniya se chhipati hai ..... to teri yaad aati hai.

: राकेश जाज्वल्य. 21.07.2012

1 comment:

ANULATA RAJ NAIR said...

बहुत सुन्दर!!!!!
मधुर एहसास.........

अनु